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Thursday, September 6, 2018

This person lives in gold-styled castle : यह व्यक्ति रहता है सोने से जड़े महल के अंदर



आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप निश्चित रूप से अचंभित हो जाएंगे, हम जिस व्यक्ति के बारे में बता रहे हैं वह  विश्व के  सबसे अधिक रईसों, अमीरों में उसकी गिनती होती है.
उसका नाम है हसनल-बोलकिया. यह ब्रुनेई के सुल्तान हैं. हसनल बोलकिया सुलतान के साथ-साथ एक बहुत बड़े कारोबारी भी है. इन्हें अपनी दौलत दिखाने का भी बहुत बड़ा शौक है. इसीलिए उन्होंने एक सोने का महल बनवाया है और वह इस सोने के महल में निवास करते हैं.
उन्होंने सोने का एक प्लेन यानी की हवाई जहाज की बनवाया है. सोने के इस  हवाई जहाज में  घूमते हैं. हसनल बोलकिया के महल का नाम नूर पैलेस है. यह महल  लगभग 2000000 स्क्वायर फीट में  फैला हुआ है. इसे तैयार करने में करीब 2387 करोड रुपए की लागत लगी थी.
इस महल में 1728 कमरे हैं. जिसमें केवल 257 तो बाथरूम ही हैं. इसके अलावा इसमें 110 कारों का गैरेज है. पोलो  का बहुत बड़ा ग्राउंड है. पोलो  खेलने वाली 200 घोड़े हैं. ये  एयर कंडीशनर अस्तबल में रहते हैं. 20 स्विमिंग पूल है.
यह महल विश्व का सबसे बड़ा दूसरा महल माना जाता है. चीन के बीजिंग के फॉरबिडेन शहर में बसा महल पहला महल है. हसनल बोलकिया को कारों का भी बहुत शौक है. उनके पास लगभग छोटी-बड़ी 7000 गाड़ियों का काफिला है.  स्वयं सोने के  हवाई जहाज में घूमते हैं.

Boiled tea tablets can benefit thousands of rupees : उबली हुई चायपत्ती कर सकती है हजारों रूपये का फायदा



चाय पीने के बाद अक्सर हम चायपत्ती को फेंक देते हैं. क्योंकि हम यह मान कर चलते हैं की एक तरह से यह बेकार हो चुकी है. अर्थाथ  चाय पत्ती को कचरा या गंदगी समझ करके उसे कचरा पात्र में डाल देते हैं. लेकिन दोस्तों यदि आप चाहे तो उसका उपयोग भी कर सकते हैं.

आप हजारों रुपए बचा सकते हैं उसके उपयोग करने से. एक तरह से वह बेकार चाय पत्ती उबली हुई चायपत्ती हजारों रुपए की कीमत की होती है. लेकिन उसके प्रयोग का तरीका आपको पता होना चाहिए. आइए आज हम आपको बताते हैं, उबली हुई चायपत्ती का कैसे प्रयोग करें. ताकि आपके लिए फायदेमंद हो.
उबली हुई चायपत्ती एक तरह से दवा होती है और यह दवा क्या-क्या काम आ सकती है. आइए आज हम आपको बताते हैं.
घाव को ठीक करने में
किसी भी प्रकार की चोट या पुराना घाव हो तो थोड़ी सी उबली हुई चायपत्ती लगा लीजिए. निश्चित रूप से एक-दो दिन में ठीक हो जाएगा. इसको लगाने से दर्द में भी राहत मिलती है.
सीसा साफ करने में
पुराने से पुराना सिसा यदि बहुत  अधिक गंदा हो रहा है  और आप अनेक तरह के केमिकल लगा कर के उसे साफ करने की कोशिश कर चुके हो, फिर भी वह साफ नहीं हो रहा हो तो आप उबली हुई चाय पत्ती का इस्तेमाल करें. फिर देखे सीसा  एकदम चमक जाएगा. लेकिन आपको करना यह है की उबली हुई चायपत्ती को फिर से एक गिलास पानी में उबालना है. उसे छानने  के बाद जो पानी बचा, उससे शीशा साफ कीजिए.
पोधों के लिए लाभदायक
उबली हुई चायपत्ती को आप इधर-उधर फेंकने के बजाय आपके घर में लगे हुए छोटे-छोटे पेड़ पौधों में डाल दीजिए. इन छोटे पौधों के लिए बहुत जबरदस्त उर्वरक खाद का काम करती है उबली हुई चायपत्ती. उबली हुई चायपत्ती अनेक प्रकार के रोगों से भी पोधों को बचाती है. इस तरह से उबली हुई चायपत्ती आप के हजारों रुपए बचा सकती है.

Wednesday, September 5, 2018

New note for coming soon : जल्दी ही आने वाला है सौ रुपये का नया नोट



पिछले साल जब से नोट बंद हुए और नए नोट आए तब से लगातार नए नए नोट आ रहे हैें। हाल ही में खबर आई है कि अब सौ का नोट भी नया आ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि वे बहुत जल्द ही सौ रुपये का नया नोट लांच करने जा रहे हैं। इस नये नोट की तस्वीर लांच से पहले ही इंटरनेट पर देखी जा रही है। ये तस्वीरें नेट पर खूब वायरल हो रही हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि नये नोट के आने से पुराना नोट बंद नहीं हो रहा है। बल्कि नया और पुराना दोनों नोट ही मान्य होंगे। नये नोट को एकदम से नहीं बल्कि धीरे धीरे बाजार में लाया जायेगा। ताकि नोटों के संबधित किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
इस सौ रूप्ये के नोट का रंग बैंगनी सा दिखता है। इस नोट पर भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर हैं। नोट के पीछले हिस्से में गुजरात की सरस्वती नदी के किनारे की तस्वीर है। जो की भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। इस नोट का डिजाईन अन्य नोटों की तरह ही है। जैसे-10, 50, 200 और 500 का नोट है। इस नोट के किनारे पर चार लाइनें हैं जिससे कि अंधे लोग भी नोट की पहचान कर सकें। इस नोट का आकार 66 x142 mm है।

Men in this village do Chatha Chowk and women work out : इस गांव में पुरुष करते हैं चूल्हा चौका और महिलाएं करती हैं बाहर काम


अनोखे गांव। भारतीय समाज में घर का काम यानी चूल्हा, चौका, बर्तन, झाडु, खाना आदि का काम अधिकतर महिलाएं ही करती हैं।  और पुरुष घर से बाहर जाकर काम करते हैं। चाहे वे खेत में काम करें या किसी अन्य जगह। हालांकि आज के युग में पहले से काफी परिवर्तन आया है। अब महिलाएं भी नौकरी करने लगी हैं। लेकिन बावजूद इसके घर का चूल्हा चौका तो महिलाएं ही करती हैं।Related image

लेकिन आज हम आपको एक नहीं बल्कि दो ऐेसे गांवो के बारे में बतायेंगे जहां पर पुरुष घर में चौका चूल्हा करते हैं और महिलाएं बाहर काम करती हैं। ये गांव विदेश में नहीं बल्कि अपने ही देश भारत में हैं। मध्यप्रदेश में बसे हैं ये गांव। इन गांवो का नाम है दलारना और मलारना।

ये दोनों ही गांव अनोखे गांव के नाम से भी जाने जाते हैं। इन दोनों गांवों में पानी की बहुत समस्या है। इस कारण यहां पर कोई भी अपनी बेटी नहीं देना चाहता। मतलब यहां पर अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता।
पीने का अच्छा पानी लेने के लिए पांच किलोमीटर जाना पडता है। वह भी पैदल। गांव जो हैंडपेंप या कुंए हैं उनका पानी बहुत दूषित है। उसका पानी पीकर गांव वाले अनेक बार बीमार हो चुके हैं। इसलिए पानी लेने के लिए दूर जाना होता है। यह काम महिलाएं करती हैं। और पुरुष घर में चूल्हा चौका का काम करता है। चूंकि अधिकतर संख्या इस गांव में पुरुषों की ही है। इसलिए जो पुरुष अविवाहित हैं वे तो अपना चूल्हा चौका भी स्वयं करते हैं और पानी भी स्वयं लेके आते है।

Five months later, suddenly the army reached the house and saw the inside of the window. : पांच महीने बाद अचानक घर पहुंचा फौजी खिड़की से देखा अंदर तो उसका दिल दहल गया


जब सरहद पर एक जवान रक्षा करता हैए  देशवासी घरों में महफूज होते हैंण् वह एक फौजी अपना घरए रिश्तेदारए परिवारए बच्चे छोड़ कर के देश की हिफाजत के लिए अपने घर से कोसों दूर रहता है। लेकिन जैसी ही फौजी को छुटटी मिलती है तो उसकी बांछे खिल जाती है। क्योंकि फौजी को मन भी अपने परिवार के साथ, अपने बीबी, बच्चों, मां, बाप, भाई बहनों, यार दोस्तों या गांव के लोगों के साथ बिताने का मन करता है। लेकिन डयूटी अर्थात देश सेवा के धर्म के आगे वह इन सबको पीछे छोड देता है। लेकिन एक फौजी के साथ उनहोनी घटना हो गई।
श्रीनगर में एक फौजी पिछले 14 साल से नौकरी कर रहा है। वह साल में एक या दो बार अपने घर आता रहता है। लेकिन अबकी बार वह  जब घर आया तो उसने सोचा बच्चों को सरपराज देना चाहिए। इसलिए फौजी ने अपने आने की सूचना घर पर नहीं दी। और फौजी अचानक घर आ गया। फौजी रात को करीब 11 बजे घर पहुंचा। उसने घर का दरवाजा खूब खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज ही नहीं आई। फौजी थोडा घबरा गया।Image result for पांच महीने बाद अचानक घर पहुंचा फौजी
कुछ देर बाद उसने घर की दीवार फांदी और घर के अंदर आ गया। तो टीवी की आवाज आ रही थी। तो फौजी ने सोचा टीवी की आवाज की वजह से मेरी आवाज बच्चों को सुनी नहीं होगी। लेकिन जब उसने खिडकी के पास रखे कूलर को थोडा साईड करके  झांक कर देखा तो अंदर का नजारा देखकर उसका दिल दहल गया। उसकी पत्नी किसी गैर मर्द की बाहों में थी।

फौजी ने गुस्से में कमरे का गेट बजाया और आवाज दी और बाद में गेट तोड दिया। लेकिन इतनी ही देर में फौजी पर दोनों ने हमला कर दिया। और फौजी का मार मार कर अधमरा कर दिया। पीडित फौजी ने थाना भादसों में केस दर्ज करवाया है।
फौजी ने बताया कि उसकी पत्नी जिसके साथ हमबिस्तर थी वह पिछले दो साल से उसके घर आता जाता है। पत्नी उसे अपना उसे राखी बांधती थी। रिश्ते में उसे अपना भाई बताती थी।

A farmer planted due to debt, another consumed by poison : कर्ज के कारण एक किसान ने लगाया फंदा दूसरे ने खाया जहर


पंजाब के दो अलग अलग स्थानों पर दो किसानों ने आत्महत्या करली। पटियाला के गांव बरसट में एक 34 साल के किसान मनदीप ने कर्ज से परेशान होकर फांसी का फंदा लगा लिया। परिवार वालों ने कहा कि एक आढती बार बार अपना कर्जा मांगता था, उसे ने एक तरह से इस किसान को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है। पुलिस ने इस आढती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। लेकिन आरोपी अभी पकडा नहीं गया है।Image result for कर्ज के कारण एक किसान ने लगाया फंदा दूसरे ने खाया जहर
दूसरी घटना बरनाला के कस्बा महलकलां के रहने वाले किसान मनजीत सिंह की है। मनजीत सिंह ने कर्ज से परेशान होकर जहर खा लिया। परिवार वालों ने बताया कि मनजीत का विवाह दो साल पहले हुआ था। वह खेती करता था। उसके पास आय का कोई दूसरा साधना नहीं था। इस कारण उसने विवाह के समय जो कर्जा लिया था, वह खेती से नहीं उतार पाया। क्योंकि खेती से इतनी ही आय होती थी जिससे कि वह अपने परिवार का गुजार कर सके। लेकिन कर्ज वाले आए दिन परेशान करते थे। इसी बात से परेशान होकर मनजीत ने आत्महत्या करली।
एक सवाल यह उठता है कि किसान के पास जमीन होती है। वह उसमें अनाज पैदा करता है। लेकिन उसे उसकी फसल के उचित और अच्छे दाम नहीं मिलते हैं। इस कारण उसे कर्जा लेना पडता है। वह कर्ज चुका नहीं पाता है। उसे आत्महत्या करनी पडती है। एक तरह से यह आत्महत्या नहीं है बल्कि हत्या है। यह हत्या सरकार करती है। क्योंकि सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए किसान की फसल को अच्छे और उचित दामों में बेचा जाए। जिससे कि उसे उचित पैसा मिल सके। यदि इस तरह की व्यवस्था सरकार करें तो कोई किसान आत्महत्या न करें। 

यह अभिनेत्री पहुंची अपनी नौकरानी की शादी में लोगों ने की जमकर तारीफ



बॉलीवुड में आए दिन इस तरह की फिल्में बनती रहती हैं, जिसमें कि आम एवं गरीब लोगों के पक्ष की बात होती रहती है. विशेष रूप से सामाजिक मुद्दों पर बनने वाली फिल्मों में इस तरह के विषयों को लेकर के फिल्म बनाने का मकसद होता है- समाज में जो उच्च नीच और भेद भेदभावना का रवैया है वह समाप्त हो, एवं मनुष्य को मनुष्य के रूप में समझा जाए.
आर्थिक रुप से यदि कोई सुदृढ़ है, मजबूत है या बड़ा है और दूसरी तरफ कोई गरीब है, जो आर्थिक रुप से निम्न है, तो इसका मतलब यह नहीं है की  उस इंसान में और इस इंसान में फर्क है. बल्कि इंसान दोनों समान होते हैं.Image result for alia bhatt age
इसी समानता को प्रदर्शित करने वाली बॉलीवुड की एक अभिनेत्री ने एक मिसाल कायम की है. इस अभिनेत्री का नाम है आलिया भट्ट. आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की है. जिसमें एक  न्यू कपल शादीशुदा जोड़े के बीच में खड़ी है आलिया.
आलिया भट्ट ने बताया है कि यह जो लड़की है जिसकी शादी हुई है, वह उसकी  नौकरानी है. और आलिया भट्ट उस नौकरानी  की शादी में पहुंची है. आलिया भट्ट को देखकर नौकरानी बहुत खुश हुई और निश्चित रूप से आलिया भट्ट ने एक बहुत बड़ा काम किया है. शादी में मौजूद लोगों ने जब आलिया भट्ट को देखा तो आलिया भट्ट की खूब तारीफ की.
सोशल मीडिया पर जब लोगों ने यह खबर पढ़ी, यह पोस्ट देखी तो वहां पर भी आलिया भट्ट की  लोगों ने खूब तारीफ की. अक्सर  आलिया भट्ट ऐसे  गरीब लोगों की मदद करती रहती है. फिल्म स्टारों के दिल में इस तरह से आम लोगों के प्रति संवेदना होना निश्चित रूप से अच्छे संकेत हैं. सभी लोगों को इसी तरह आम गरीब लोगों के प्रति सोचना चाहिए. आप क्या कहेंगे आलिया भट्ट के इस  काम के बारे में.

 
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