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Wednesday, January 3, 2018

Bahubali Prabhas said that movies like Bahubali will not do it again : बाहुबली प्रभास ने कहा फिर नहीं करूंगा बाहुबली जैसी फिल्में


इस साल की जबरदस्त सुपर डुपर हिट रही फिल्म बाहुबली के मुख्य किरदार प्रभास इस फिल्म के बाद जबरदस्त चर्चा में आ गए हैं. अभी तो यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही बॉलीवुड फिल्मों में भी वे नजर आएंगे और संभवत करण जोहर उन्हें अपने अगले प्रोजेक्ट में जल्दी साइन करने वाले हैं.


लेकिन एक विशेष बात जो है वह सामने आई है कि प्रभास ने कहा है कि वह आगे से बाहुबली जैसी दो भागों में बनने वाली फिल्में जो लगभग 5 साल तक का समय लेती है ऐसी फिल्में नहीं करेंगे और यदि किसी कारण से उन्हें करनी पड़ गई तो लगातार दूसरा प्रोजेक्ट भी करते रहेंगे. क्योंकि एक एक्टर के रूप में एक ही फिल्म पर इतना समय जाया करना उचित नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाहुबली फिल्म जैसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना निश्चित रूप से जीवन का एक बहुत बड़ा अचीवमेंट है. क्योंकि यह फिल्म देश ही नहीं विदेश तक में सभी लोगों ने बड़े इंटरेस्ट के साथ देखी और इसमें काम जो किया उसको सराहा. 

लेकिन सवाल यह है कि इस तरह की फिल्मों में समय बहुत लगता है और एक एक्टर के रूप में इतना समय सिर्फ एक फिल्म को देना ठीक नहीं है. अतः कुछ अलग, हटके तथा नया करने के साथ-साथ मैं इस तरह की फिल्में करूंगा भी तो अन्य फिल्मों के समानांतर करूंगा. लेकिन इस फिल्म में काम करने के पीछे एक एकाग्रता जरूरी थी, इसके साथ कोई दूसरा काम में नहीं कर पाया इसी लिए यह इतनी बेहतरीन बन पाई यह बात भी सच है.

Tiger jinda hai is not , this is number one movie : टाइगर जिंदा है नहीं यह है नंबर वन फिल्म


2016 में हरियाणा की पहलवान गीता फोगट के जीवन पर आधारित बायोपिक फिल्म दंगल रिलीज हुई थी जो की आमिर खान की बहुचर्चित फिल्म रही है. इस फिल्म ने भारत ही नहीं विदेश में भी जबरदस्त सफलता अर्जित की लेकिन इस साल बाहुबली 2 और टाइगर जिंदा है दोनों ने ही सबकी बोलती बंद कर दी अर्थात ये दोनों फ़िल्में जबरदस्त छाई रही, कमाई के मामले में भी एवं देखने के मामले में भी.


लेकिन अभी एक सर्वे आया है जो की चाइना में IMDB द्वारा जारी किया गया है इसमें टॉप रैंकिंग में दंगल फिल्म बताई गई है. भारत में भले ही  बाहुबली-2 या टाइगर जिंदा है सबसे सफल फिल्मों में शामिल रही हैं लेकिन चाइना में दंगल अभी भी बड़ी फिल्म मनी जा रही है. यहाँ तक की दंगल चीन एवं भारत में ही नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ताइवान, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, यूनाइटेड स्टेट जैसे अनेक देशों में बेहतरीन कमाई करने फिल्मों में शुमार है. दंगल फिल्म से जुड़े एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्व स्तर पर देखें तो दंगल ने लगभग दो हजार करोड़ रुपए की कमाई की है जो निश्चित रूप से किसी भी फिल्म के द्वारा की गई है यह बड़ी कमाई है, तो इस तरह से आमिर खान की यह बहुत चर्चित फिल्म आज भी चाइना में एक चर्चा का केंद्र बनी हुई है. दंगल के निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा है कि इस तरह की बायोपिक फिल्में निश्चित रूप से हमारे समाज के लिए बहुत प्रेरणादायक होती है. इनसे जुड़े हुए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लोग बहुत कुछ सीखते हैं. अतः इस तरह के सब्जेक्ट को लेकर अन्य फिल्में बननी चाहिए.

Tuesday, January 2, 2018

Can you tell who this picture is : क्या आप बता सकते हैं यह चित्र किसका है

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दोस्तो नमस्कार, मैं हूं प्रदीप प्रसन्न, आइए आपको बताता हूं कुछ रोचक बातें. तस्वीर भी बहुत कमाल करती हैं. वे प्रत्यक्ष व्यक्ति से अधिक आनन्द देने का माद्दा रखती है. इसीलिए लोग तस्वीरों को सहेज कर रखते हैं. तस्वीर हमें पुरानी स्मृति को तो याद दिलाती है साथ ही साथ तस्वीर हमारे साथ बहुत सारे लोगों की स्मृतियों को भी जिंदा रखती है और कई बार हमें एहसास होता है कि यह पल जो व्यतीत हो गया बहुत ही सुखद था एवं जैसे कल ही बीता हो.

कुछ तस्वीरें ऐसी होती है जो बहुत ही अजीबोगरीब होती है. जिनको पहली बार में पहचान ही नहीं पाते कि यह तस्वीर यह कहना चाहती है. इसलिए मैं आपको ऐसी तस्वीर दिखाता हूँ जो अनोखी है और विशिष्ट भी. संभवत: ये तस्वीरें आपका मनोरंजन भी करेंगे और यदि आप इस तरह की तस्वीरों को देखने में थोड़ी बहुत भी रुचि रखते हैं तो आपकी दिमागी कसरत भी हो जायेगी.
यह देखिए पहली तस्वीर. इस तस्वीर को देखकर आपको यह बताना है कि यह किस जानवर या पक्षी की तस्वीर है? और दूसरी बात यह भी बताना है कि यह किधर से सीधी है और किधर से उल्टी. इस तस्वीर को बनाने वाले ने बहुत ही कमाल का फन इस तस्वीर को बनाने में दिखाया है. बहुत ही अद्भुत चित्रकारी का नमूना है यह चित्र. जो हमें सोचने के साथ साथ विवश करता है इतनी खूबसूरत कलाकृति की प्रशंसा के लिए.
यह देखिए दोस्तों दूसरी तस्वीर. यह हाथी के सूंड में बनी हुई तस्वीर है. जिसके अंदर अनेक जानवर तथा पक्षी आपको दिखाई देंगे और सबसे बड़ी बात इस तस्वीर में तीनों स्थलों के जीव मौजूद हैं- जल, थल, एवं नब. अब आपको करना यह है कि इस तस्वीर में कौन-कौन से पक्षी या जानवर है यह आपको अपने कमेंट में लिख करके बताना है. बहुत कठिन नहीं है लेकिन सरल भी नहीं है. लेकिन मुझे उम्मीद है कि जिस तरह से आप ने पिछली बार के मेरे पूछे गए प्रश्न के उत्तर में अपने जवाब कमेंट में लिखे थे, इस बार भी आप इस सवाल का जवाब बेहद सटीक और सही तरीके से देंगे और अपने कमेंट में अपनी राय बताएंगे और संभवत: आप में से अधिकतर लोग सही जवाब देंगे या सही जवाब के बिल्कुल करीब होंगे और दूसरी तस्वीर के अंदर आपको जानवरों में विशिष्ट रुप से जो खोजना है वह है खरगोश. और आपको अपने कमेंट में बताना है खरगोश किस जानवर के पास है, इस सूंड में कहां पर है. तो दोस्तों कमैंट्स में सारी बातें लिखते हुए लिखिए कि आपको यह जानकारी कैसी लगी.

 तो दोस्तों कैसी लगी आपको यह जानकारी, इसी तरह की कलात्मक सृजनात्मक एवं अनोखी चटपटी खबरों को जानने के लिए हमें फॉलो करें और यह जानकारी आपको कैसी लगी एवं यदि आप चाहते हैं की मै इसी तरह की मजेदार और अनोखी जानकारी ओर देता रहूँ तो कमैंट्स में इस बारे में जरूर लिखें. धन्यवाद.

Shahrukh Khan junked people : लोगों ने उड़ाया शाहरुख खान का मजाक


शाहरुख खान की आने वाली फिल्म जीरो का टीजर लॉन्च हो चुका है. इस फिल्म में शाहरुख खान एक बोने का रोल निभा रहे हैं. ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी फिल्म में शाहरुख खान इस तरह से नाटे कद के किरदार में नजर आएंगे. कल सोशल मीडिया पर इस टीजर को बहुत ट्रोल किया गया और लोगों ने जब इसे देखा तो बहुत सारे लोगों ने आश्चर्य व्यक्त किया.
कुछ लोगों ने उत्साह भी व्यक्त किया, की एक तरह से शाहरुख खान के लिए एक चुनौती का और अलग हटके किरदार निभाने का अवसर है. बहुत सारे लोगों ने शाहरुख खान के इस नाटे कद के रोल को लेकर मजाक बनाया. कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि राजपाल यादव का काम शाहरुख खान ने छीन लिया है. इस रोल में शाहरुख खान राजपाल लाग रहे हैं.

शाहरुख खान के साथ कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा भी इस फिल्म में काम कर रही हैं. आनंद एल राय के निर्देशन में बनी फिल्म जीरो अन्य फिल्मों से कुछ हटकर है. फिल्म के निर्देशक आनंद एल राय ने कहा कि फिल्म एक तरह से अपूर्ण चीजों के साथ एक जश्न मनाने के तरीके के ऊपर बनाई गई है. जिस तरह से जीरो यदि अकेला है तो उसका कोई महत्व नहीं है लेकिन यदि वह किसी अन्य अंक के साथ आता है तो उसकी कीमत बहुत बढ़ जाती है. इसी तरह से इस फिल्म में आपको अनेक उतार-चढ़ाव दिखाई देंगे और इसकी विशेषता यही होगी कि इसके महत्व में अनेक दूसरे लोगों की भूमिका रहेगी. शाहरुख खान के इस चुनौतीपूर्ण रोल में यह मूवी निसंदेह बेहद ही रोचक बनेगी और लोगों को यह विशेष रूप से उनके फैंस को उनकी इस मूवी का बेहद इंतजार भी है.

Padmavati or Padmavat will not let release ... : पद्मावती हो या पद्मावत नहीं होने देंगे रिलीज...


संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलावों के साथ नाम बदलकर रिलीज करने की अनुमति देने से असंतुष्ट एक राजपूत संगठन ने पद्मावती फिल्म पर पूरे देश में प्रतिबंध लगाने की मांग की है. और यहां तक कहा है कि यदि यह फिल्म दिखाई गई तो सिनेमाघरों में आग लगा देंगे.

राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा है कि इस तरह से सेंसर बोर्ड का विवादित फिल्म को प्रदर्शित करने की हरी झंडी देना निश्चित रूप से एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है और यदि ऐसा हुआ तो इस निर्णय का उन्हे खामियाजा भुगतना पड़ेगा. राजपूत संगठन की गुजरात इकाई के प्रमुख राज शेखावत ने अहमदाबाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यदि फिल्म पर पूरे देश में प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो हमारे संगठन के सदस्य कानून अपने हाथ में ले लेंगे और इसके लिए हम नहीं स्वयं सेंसर बोर्ड जिम्मेदार होगा.

आपको बता दें कि पद्मावती फिल्म पिछले महीनों से विवाद के कारण अटकी हुई है. जिसमें विशेष रूप से राजस्थान के राजपूत संगठनों ने तथा देश के अनेक राज्यों एवं संगठनों ने इसका विरोध किया. जिसके कारण यह फिल्म रिलीज नहीं हो पाई और अब खबरें आ रही थी कि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म में कुछ बदलाव करके, कुछ कट्स लगाकर, नाम बदल करके यह फिल्म रिलीज करने की अनुमति फिल्म के निर्माता-निर्देशक को दी है. लेकिन राजपूत संगठन के लोगों ने इसे लेकर फिर से विवाद करना प्रारम्भ कर दिया है. मूलतः इस फिल्म पर यह आरोप है कि इतिहास के तथ्यों को इस फिल्म में तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है जो कि उचित नहीं है. इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत करना यह ठीक नहीं है.

Monday, January 1, 2018

Big Boss should see or not ... : बिग बोस देखना चाहिए या नहीं...



दोस्तों नमस्कार, मैं प्रदीप प्रसन्न, आज मैं आपसे बात कर रहा हूं बिग बॉस अर्थात रियलिटी शो को देखते हुए पड़ने वाले मस्तिष्क एवं शरीर पर प्रभाव के बारे में. TV पर या फिल्म में दिखाए गए कार्यक्रमों में एक मुख्य उद्देश्य होता है मनोरंजन. इसमें कोई शक नहीं कि मनुष्य मनोरंजन के लिए तरह तरह की क्रिया प्रतिक्रिया करता है और यहां से वहां जाता है और मनोरंजन की इस प्रक्रिया का प्रचलन बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा है. समय और परिस्थिति के साथ मनोरंजन के माध्यम बदले. प्राचीन समय में आखेट खेलना, जुआ खेलना यहां तक कि कई बार युद्ध लड़ना, चौसर, शतरंज,  शर्तें लगाना, नृत्य, मुशायरे, मुजरे इत्यादि अनेक प्रकार के कार्यक्रम मनोरंजन के लिए होते थे. समय के साथ में बदलाव हुआ और बदलाव होना लाजमी है.

आज की तारीख में इंटरनेट, मोबाइल, सोशल मीडिया के जमाने में पुराने मनोरंजन के खेल कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा, आईस-पाइस, पकड़म पकड़ाई, कुश्ती ये सभी खेल या मनोरंजन के साधन एक तरह से आउट डेटेड या फिर पिछड़े हुए हो गए. खेलों में मनोरंजन का प्रमुख साधन आज क्रिकेट है या फिर फुटबॉल, बॉलीवुड, बास्केटबॉल या टेनिस इत्यादि बन गए हैं जो की बहुत महंगे और खर्चीले खेल हैं.
लेकिन हम बात कर रहे टीवी पर दिखाए जाने वाले रियलिटी शोजस बिग बोंस के बारे में. बिग बोंस का कोई भी एपिसोड आज तक मैंने पूरा नहीं देखा है. कल एक एपिसोड 45 मिनट तक देखा. मैं प्रारंभ से ही शो के प्रति बहुत उत्साहित नहीं रहा हूँ. उसके पीछे कारण यह है कि टीवी पर दिखाए जाने वाले अधिकतर रियलिटी शो के नाम से चलने वाले शो वास्तव में रियलिटी शो होते ही नहीं है, जबकि पूर्व में ही शूट किए गए तथा नियोजित होते हैं-कि कौन, क्या, कब, कहां करेगा. यह पहले से तय होता है. अब बात करते हैं बिग बॉस की. बिग बॉस में आप देखते हैं कि बहुत सारे कंटेंट्स आपस में झगड़ते हैं, लड़ते हैं, एक दूसरे पर गाली गलोच करते हैं. रोमांस करते हुए दिखाए जाते हैं. ये ऐसे दृश्य होते हैं जो हमारे मन में उत्सुकता पैदा करते हैं. उनके निजी प्रसंगों को भी कई बार दिखाया जाता है.
इस तरह के कार्यक्रमों को देख कर हम अलग-अलग प्रकार की राय बनाते हैं लेकिन एक बात स्पष्ट है कि हम बहुत सारे लोग इनसे इस तरह से जुड़ जाते हैं जैसे की हमारे जीवन का यह एक हिस्सा है. जबकि आपको बता दें कि एक रिसर्च ने कहा 40 मिनट तक लगातार यदि आप किसी कार्यक्रम को देखते हैं और वह हिंसा या उत्तेजना फैला रहा है तो आपके मस्तिष्क के अंदर वह कुछ प्रतिशत उत्तेजना और हिंसा चली जाएगी और यह स्वाभाविक है. क्योंकि मनुष्य सबसे अधिक चीजों को देख करके सीखता है और उन्हीं का अनुकरण करते हुए अपने जीवन में लागू करने की कोशिश करता है.
बिग बोंस के जो घर में रहने वाले लोग हैं. ये कौन हैं. यदि वे लोग हैं जिन्हें बहुत सारे लोग जानते नहीं हैं. इनमें से एक या दो ऐसे लोग लिए जाते हैं जिनके चेहरे चर्चित होते हैं. ये वे लोग हैं जो एक दूसरे के साथ बकवास कर सकते हैं. गाली गलौज दे सकते हैं और ऐसा करने के लिए उन्हें कहा जाता है. ऐसा करने के लिए उन्हें पैसा मिलता है. कई बार हम इन लोगों के साथ ऐसे जुड़ जाते हैं कि जैसे ही इनमे से कोई एलिमेट हो जाता है तो हमें बहुत बुरा लगता है या हम उस एलिमेट को सही मानते हैं तो बहुत खुश होते हैं.
हम यह सोचते हैं कि हमने कितना सही निर्णय लिया है. हम भी यही चाहते थे कि वह कंडीडेट एलिमेट हो, लेकिन यह एक गलतफहमी है और कुछ नहीं. हमारी दिनचर्या का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा Bigg Boss जैसे रियलिटी शो की चर्चा करते हुए निकल जाता है. हम जब एक दूसरे से मिलते हैं तो कहते हैं शिल्पा ने आज ऐसा किया, हिना ऐसा कह रही थी, लव इस तरह से सोच रहे हैं, विकास का गुस्सा ठीक नहीं लगा मुझे. यह सब क्या है? यह सब आपका कार्य नहीं है. यह एक तरह से हमारे मस्तिष्क को ब्लॉक करने का तरीका है कि हम नया कुछ सोचे ही नहीं बल्कि उसी के बारे में बात करें जो हमारे इर्द-गिर्द घट रहा है. विशेष रुप से इन टीवी चैनलों के माध्यम से या इसी तरह की न्यूज़ के माध्यम से जो हमें दिखाया, बताया जा रहा है. हम उसे या तो सच माने या सच के करीब.
हम दिन भर इन्हीं की बात करते हैं, ऐसा करने से हम नया कुछ भी नहीं सोच पाते हैं. और हम ही नहीं, हमारे साथ बहुत सारे लोग इसी तरह की बात करते हैं तो हमें आभास होता है कि जो हम चर्चा कर रहे, वह चर्चा तो आम है. क्योंकि सभी लोग ऐसा ही सोच रहे हैं और इसी के बारे में बात कर रहे हैं. बल्कि हम तो बिल्कुल अपडेट है. हम वही चर्चा कर रहे हैं जो लेटेस्ट है, आज बाजार में सभी जगह की जा रही है अर्थात हम आधुनिकता के साथ हैं और यह आधुनिकता हमें गर्त में ले जाने के सिवा और कुछ नहीं करती. Bigg Boss में जितने भी लोग हैं उन सब को पैसा मिलता है. लड़ने-झगड़ने और प्यार करने का पैसा भी मिलता है. लेकिन हमें क्या मिलता है? यदि आपका जवाब यह है की मनोरंजन. तो माफ करना वह मनोरंजन नहीं है. वह एक तरह से तनाव है. आपके मन और मस्तिष्क दोनों के ऊपर. बल्कि कई बार तो आपका समय और पैसा इन सबमें नष्ट भी हो जाता है. जब आप इस तरह के रियलटी शो के लिए वोट करते हैं तो निश्चित रुप से आप का बैलेंस कटता है. इन्हें देखने पर आपका समय खराब होता है. इस पर चर्चा करते हैं तो आप की बहुत सारी इंद्रियां इसमें सक्रिय हो जाती हैं. आपकी भाषा, बोली, एनर्जी खत्म हो रही है.
रियलिटी शो के नाम से पर दिखाए जाने वाले इस तरह के कार्यक्रम निश्चित रूप से मनुष्य को निष्क्रिय बनाने की कोशिश है. अतः इस तरह के शो आप न देखें तो बेहतर होगा और इन पर बैन लगे इस तरह की मुहिम के लिए कुछ कोशिश की जाए.

तो दोस्तों है न यह अजीब, अचंभित और रोमांचित करने वाली तस्वीर. अगर आप इसी तरह की कला, फिल्म एवं रोचक जानकारी, तथा तस्वीरों के बारे में जानना चाहते हैं तो हमें फॉलो करें. दोस्तों यह जानकारी आपको कैसी लगी एवं यदि आप चाहते हैं की मै इसी तरह की मजेदार और अनोखी जानकारी ओर देता रहूँ तो कमैंट्स में इस बारे में जरूर लिखें. धन्यवाद.

Mewar Dynasty protested against Padmavati : मेवाड़ राजवंश ने जताया पद्मावती को लेकर के विरोध


दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह तथा शाहिद कपूर के स्टारडम में सजी फिल्म पद्मावती अनेक विरोधों के कारण रिलीज नहीं हो पा रही है. हाल ही में सेंसर बोर्ड ने संजय लीला भंसाली की इस फिल्म को यू ए सर्टिफिकेट देकर के पास कर दिया है. साथ ही इसमें कुछ कट्स भी लगाए गए हैं.


लेकिन जैसे ही यह खबर राजस्थान के मेवाड़ राजवंश के घरानों को पता लगी तो उन्होंने अपना विरोध दर्ज करवा दिया. मेवाड़ राजवंश ने सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी के नाम एक पत्र लिखा है और उसमें संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावती को इस तरह से प्रमाणित करने के लिए उनकी निंदा की है.


मेवाड़ राजवंश के 76 वें महाराज और लोकसभा के पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे महाराज कुमार विश्वराज सिंह ने यह पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज करवाया है. विश्वराज सिंह ने कहा है कि यह फिल्म मेरे परिवार से जुड़ी हुई है. इसके नाम के बदलाव से इसके तत्वों में बदलाव नहीं होगा. क्योंकि फिल्म में वास्तविक स्थान, मेरे पूर्वजों के नाम तथा इतिहास में दर्ज उनके नाम वैसे के वैसे ही हैं. अतः इस तरह से पद्मावती को पद्मावत करना तथा उसमें थोड़ा बहुत परिवर्तन करके उसे रिलीज करना यह उचित नहीं है. इस तरह के कार्य से पद्मावती फिल्म को यू ए सर्टिफिकेट देकर उसे रिलीज़ करना लोगों के साथ धोखाधड़ी है तथा साथ ही सामाजिक अशांति को निमंत्रण देना भी है.
 
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