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Wednesday, January 2, 2019

Before these years, these zodiac signs must be kept in the solar eclipse. : साल के पहले सूर्य ग्रहण में इन राशियों को रहना होगा सावधान


2019 नए साल का पहला सूर्य ग्रहण रविवार 6 जनवरी को होने जा रहा है. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. आंशिक सूर्य ग्रहण होने वाला है यह. लेकिन इसका प्रभाव जरूर भारत में भी होगा.
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सूर्य ग्रहण कहीं पर भी होता है तो उसका प्रभाव पूरे विश्व में पड़ता है. लेकिन विशेष रूप से कुछ राशियों ऐसी हैं जिन पर सूर्यग्रहण थोड़ा भारी पड़ सकता है. आइए जानते हैं वो राशियां कौन-कौन सी हैं और उन्हें क्या सावधानी बरतनी होगी.
मिथुन
मिथुन राशि वालों को यह सूर्य ग्रहण थोड़ा नुकसानदायक हो सकता है. अतः उन्हें सावधानी बरतनी होगी.
सिंह
राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण में गायत्री मंत्र का जाप कम से कम 501 बार  करना अनिवार्य है.
मेष
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राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण में यात्रा बिल्कुल वर्जित है. किसी भी प्रकार की यात्रा न करें तो ज्यादा बेहतर होगा.
कन्या
राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण विशेष हानिकारक हो सकता है.  उस दिन घर से बाहर न निकले तो बेहतर होगा.
मीन
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राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अत्यधिक नुकसानदेह हो सकता है.
कुंभ
राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण के दिन गायत्री के जाप  के साथ साथ पीले फल मंदिर में चढ़ाने चाहिए. सूर्य ग्रहण के तुरंत बाद इन सभी को नहाना जरुरी है.

These remedies to remove physical weakness : शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए करें ये उपाय


आज की भागदौड़ जिंदगी में हमारी दिनचर्या ऐसी हो गई है की  हम ठीक से न खाना खा पाते हैं और न ठीक से सो पाते हैं. न  अपने पार्टनर को समय दे पाते हैं. इसलिए हमारे जीवन में अनेक तरह की कठिनाइयां हैं.
जीवन से रोमांच खत्म हो गया. प्रेम खत्म हो गया एवं दूरियां बढ़ गई. फेसबुक या सोशल मीडिया के माध्यम से हमने दोस्तों अनेक बना लिए हैं लेकिन हमारी भावनाएं खत्म हो गई. इस कारण से व्यक्ति में शारीरिक कमजोरी हो गई है. वैवाहिक जीवन संकट में आ गया.
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हम आपको बताते हैं शारीरिक  कमजोरी को दूर करने के बहुत ही सरल और घरेलू उपाय. यदि आप भी शारीरिक रूप से कमजोर हैं तो इन 3 चीजों का इस्तेमाल करें.
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अंजीर –यह एक फल है. लेकिन इसमें अनेक तरह की विटामिंस और फाइबर होते हैं. यह शारीरिक  कमजोरी को दूर करता है.
स्ट्रॉबेरी -स्ट्रॉबेरी के बीजों में बहुत ताकत होती है. अत्यधिक कमजोरी को यह बहुत जल्दी दूर करता है.
केला-यह  एक ऐसा फल है जो आमतौर पर सभी मौसम में उपलब्ध होता है और यह बहुत अधिक महंगा भी नहीं होता है. लेकिन इसके अंदर अनेक तरह के विटामिंस मौजूद है. यह शारीरिक  कमजोरी को दूर करने में बहुत लाभदायक होते हैं. इन तीनों का इस्तेमाल विशेष रूप से सर्दी के मौसम में कीजिए. आपको लाभ मिलेगा, जो शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस करें वे  चाय, सिगरेट एवं शराब का सेवन बंद कर दे.
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These warriors of Mahabharata had the most difficult final wishes : महाभारत के इन योद्धाओं की थी सबसे कठिन अंतिम इच्छाएं


महाभारत एक ऐसा महाकाव्य है जिसके  बहुत सारे तथ्यों के बारे में आज भी लोग नहीं जानते हैं. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि लोग इन महाकाव्य को पढ़ते नहीं हैं. सिर्फ इनकी कहानियां सुनते हैं या देखते हैं. वह भी आधी अधूरी.
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आज हम आपको महाभारत के कुछ योद्धाओं के बारे में बता रहे हैं. जिनकी कठिन अंतिम इच्छाएं थी.
विदुर- विदुर महाभारत में राजनीतिज्ञ के रूप में जाने जाते हैं. युद्ध के समय जब  विदुर भगवान श्री कृष्ण से मिलने गए और उन्होंने कृष्ण से दुखी होकर कहा कि हे प्रभु मुझे युद्ध के कारण बहुत कष्ट हो रहा  है. तो उन्होंने कृष्ण से कहा कि मेरी मृत्यु के बाद मेरे शरीर का एक कतरा भी इस पृथ्वी पर शेष न रहे. मेरी मृत्यु के बाद मेरे शरीर को न दफनाने  और न जलाएं. बस अपने सुदर्शन चक्र में लिन कर लें.
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घटोत्कच - घटोत्कच ने भगवान कृष्ण को प्रार्थना की थी की उनके मृत शरीर को न भूमि को समर्पित, न अग्नि को और न जल को. बल्कि मेरे मृत शरीर को हवा  में विलीन कर दें.
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कर्ण- कर्ण ने अपनी अंतिम इच्छा पूर्ण करने के लिए भगवान श्री कृष्ण के समक्ष कहा था की उसका अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर हो जहां कोई पाप न हुआ हो. 

3 days later, the first solar eclipse of the year, do not forget that these mistakes : 3 दिन बाद है साल का पहला सूर्य ग्रहण, भूलकर भी न करें ये गलतियां


सूर्य और चंद्रमा पर लगने वाला ग्रहण हमेशा कौतुहल का विषय होता है. खासकर सूर्य ग्रहण को लेकर अनेक तरह की रोमांचित करने वाली जानकारियां लोगों को होती नहीं हैं. लोग इसे देखना चाहते हैं, लेकिन इसके  फायदा या नुकसान के बारे में नहीं जानते.
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2019  का  पहला सूर्य ग्रहण होने वाला है रविवार 6 जनवरी को. यह  आंशिक सूर्य ग्रहण होने वाला है. हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. लेकिन उसका प्रभाव जरूर रहेगा. विशेष रूप से यह  उत्तर पूर्वी एशिया और उत्तरी देशों में दिखाई देगा. जैसे – कोरिया, मंगोलिया, रूस और चीन के पूर्वी छोर के अलावा अमेरिका के पश्चिम हिस्सों में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा.
लेकिन सूर्य ग्रहण में सभी लोगों को ये निम्न कार्य बिल्कुल भी न नहीं करने चाहिए. विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण यदि देख लेती है तो उसका बुरा प्रभाव उसके बच्चे पर पड़ता है.
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ग्रहण के दौरान केंची का  इस्तेमाल किसी महिला को नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से उसके होने वाले बच्चे पर गलत प्रभाव पड़ता है.
ग्रहण के दौरान सुईं या किसी नुकीली चीज का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. विशेष रूप से गर्भवती महिला को. ऐसा करने से भी उसके होने वाले बच्चे को किसी भी प्रकार का नुकसान होने की संभावना रहती है. ग्रहण में हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए.

From the time of King Maharajas, women are playing this tradition : राजा महाराजाओं के समय से महिलाएं निभा रही हैं इस प्रथा को


दुनिया में अनेक तरह की परंपराओं का निर्वहन आज भी होता है. जबकि प्राचीन काल में जब विज्ञान का बहुत बोलबाला नहीं था, तो इस तरह की प्रथाएं प्रचलित थी. ऐसी परंपराएं थी जिनके बारे में बहुत अधिक लोगों को ज्ञान नहीं था.
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उन्हें मानते चले आ रहे थे. लेकिन आज 21वीं सदी में भी लोग जो पढ़े लिखे हैं, विज्ञान ने अनेक चीजों का हल खोल लिया है, उसके बावजूद भी अनेक परंपराएं ऐसी हैं जिनका निर्वहन आज भी किया जाता है.
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आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बता रहे हैं जो मध्य प्रदेश के केशवपुर के  आमेट गांव में निभाई जाती है और यह परंपरा पिछले 1000 साल से लगातार चलती आ रही है. इस परंपरा के अंतर्गत गांव में महिलाएं चप्पल नहीं पहन सकती.
अगर गांव की किसी महिला के पैरों में चप्पल दिख  जाती है तो उसके पति से उसकी शिकायत कर दी जाती है. जिसके बाद पूरी पंचायत के सामने महिला को दंडित किया जाता है. इसलिए उसे चप्पल हाथ में उठाकर चलना पड़ता है.
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यह चप्पल न  पहनने का नियम सिर्फ गांव में है. गांव से बाहर जाने के बाद चप्पल पहन सकते हैं. घर के अंदर चप्पल पहन सकते हैं. लेकिन गांव में महिलाएं चप्पल नहीं पहन सकती.

Monday, December 31, 2018

The mysterious well of the world, where water comes in the spotlight : दुनिया का रहस्यमई कुआं, जहाँ पानी की जगह आती है रोशनी


दोस्तों आपने दुनिया में बहुत सारी चीजों के बारे में सुना होगा. कुछ तो ऐसे रहस्य  हैं जिनको वैज्ञानिक भी अभी सुलझा नहीं पाए हैं. ये  रहस्य बने हुए हैं.
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आज हम आपको एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बता रहे हैं, जहां से पानी नहीं बल्कि प्रकाश निकलता है. अभी प्रकाश कहां से निकलता है, क्यों दिखाई देता है इसका कुछ पता नहीं है. यह कुआं पुर्तगाल के सिन्तारा  में स्थित है. ऐसा कहा जाता है कि इस कुए से  एक अजीब सी रोशनी आती रहती है.
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यहां के लोग इस हुए को विशिंग वेल भी कहते हैं. उन लोगों का मानना है की यह  कुआ लोगों की इच्छाओं की पूर्ति करता है. लोग वहां जाकर के इसमें  सिक्के डालकर अपनी मनोकामना मांगते हैं और उन्हें पूरा विश्वास होता है उनकी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी. इसकी स्थापना के लिए कहा जाता है की धार्मिक दीक्षा संस्कारों के लिए इसकी स्थापना की गई थी.
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लेकिन इसके कोई विशेष साक्ष्य नहीं मिले. बहुत दूर दूर से इस रहस्यमय  कुए को लोग देखने के लिए आते हैं. लेकिन रोशनी कहां से आ रही है कुछ समझ में नहीं आता है. जैसे जैसे लोगइसके पास  जाते हैं तो इसकी गहराई सकड़ी होती जाती है.

This queen used to eat 700 grams of milk every day. : यह महारानी नहाती थी हर रोज 700 गधियों के दूध से


दोस्तों इतिहास में आपने अलग अलग तरह की कहानियां सुनी होगी. आज हम आपको एक दिलचस्प कहानी सुनाते हैं. निश्चित रूप से यह  कहानी आपको हैरान कर देगी. कई बार आपने सुना होगा बहुत सारे राजा महाराजा दूध से  स्नान करते हैं.
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पीने के रूप में दूध का प्रयोग बहुत किया जाता है और दूध के अनेक तरह के पकवान भी बनते हैं. लेकिन नहाने के लिए भी बहुत सारे राजा महाराजा, शौकीन राजा इसका उपयोग करते हैं. लेकिन गधों के दूध से नहाने का शौक किसी को हो तो आप क्या कहेंगे.
एक रानी को गधियों के दूध से नहाने का शोक था. और एक नहीं बल्कि पूरे 700 गधियों  के दूध से नहाते थी. हालांकि इसके पीछे की हकीकत को जानकर आप निश्चित रूप से चौक जाएंगे.
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बता दें कि यह महारानी थी मिश्र की क्लियोपैट्रा. इसके बारे में कहा जाता है की इसने  51 ईसा पूर्व से 30 ईसा पुर्व  तक मिश्र में शासन किया था. यह अपने जमाने की, उस समय की सबसे खूबसूरत औरत मणि जाती थी. यह  महारानी इतनी खूबसूरत थी कि वह किसी भी देश के राजा को अपनी अदाओं में फंसा कर, उसे अपना गुलाम बना सकती थी.
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यह भी कहा जाता है कि इस रानी से प्रेम और विवाह करने के लिए बहुत सारे राजा महाराजा आतुर रहते थे. इस रानी के साथ अनेक लोग रहना चाहते थे. सबसे बड़ी बात यह है कि रानी अनेक भाषाएं जानती थी और अपनी खूबसूरती को बनाये रखने के लिए रानी प्रतिदिन 700 गधियों  के दूध से नहाती थी.
 
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