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Sunday, September 2, 2018

The woman is never a monstrous : औरत कभी चरित्रहीन नहीं होती है


दोस्तों इस शीर्षक को पढ़ कर के आप को बहुत अटपटा लगा होगा और आप हैरान भी हो  रहे होंगे कि ऐसे कैसे हो सकता है. औरत तो  चरित्रहीन होती है. हर कोई औरत तो नहीं लेकिन अनेक औरतें ऐसी होती है जो चरित्रहीन होती है. ऐसा आपने सुना होगा.
लेकिन मेरा सवाल यह है कि सिर्फ औरत ही चरित्रहीन होती है क्या? पुरुष चरित्रहीन क्यों नहीं होते? उन पर इस तरह के इल्जाम या इस तरह के जुमले क्यों नहीं कहे  जाते. यह पुरुष मानसिकता और पुरुष सत्ता की सोची समझी साजिश है. जिसके तहत वह सिर्फ औरतों को दबाए रखना चाहते हैं.
औरत कभी चरित्रहीन नहीं होती
अपने आप को सेफ रखने का पुरुषों ने एक सरल तरीका निकाल लिया है. औरत के कैरेक्टर को प्रश्न चिन्ह के कटघरे में खड़ा कर दो. लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए जब एक उंगली आप किसी दूसरे की तरफ उठाते हैं तो फिर शेष उंगलियां आपकी अपनी तरफ होती है. लेकिन  आप उन उंगलियों को अनदेखा कर देते हैं. अक्सर लोग भी यही देखते हैं की  एक उंगली किसकी तरफ उठी हुई है.
लेकिन कोई भी औरत यदि  चरित्रहीन होती है तो उसमें सबसे बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका पुरुष की होती है. पुरुष भी उसके साथ उतना ही भागीदार है. उसे इस काम में लिप्त करने के लिए. पुरुष जैसे घर की दहलीज के बाहर कदम रखता है तो वह अपने तथाकथित चरित्र को त्याग कर हर जगह अपनी आंखों में वासनाओं की पूर्ति की आकांक्षा लेकर चलता है.
पुरुष यही मानता है कि स्त्रियां कभी आजाद नहीं रहनी चाहिए. बचपन में  अपने पिता के अंकुश में, जवानी में पति के अंकुश में, बुढ़ापे में पुत्रों के अंकुश में स्त्री को  रहना  चाहिए. यह बात मनु स्मृति से लेकर अनेक ग्रन्थ भी कहते हैं. यानि भ्रूण से लेकर के वृद्धावस्था तक औरतों को इस तरह से अंकुश में रखने की यह साजिश पुरुष सत्ता की मानसिकता है.
जिसके तहत औरत हमेशा दबी, कुचली, दमित, पीड़ित, प्रताड़ित और शोषित  रही है. औरत की इस खामोशी, इस बेबसी का हमेशा लाभ पुरुषों ने उठाया है. औरत को  चरित्रहीन बनाता कौन है. सिर्फ अकेली औरत के लिए जिम्मेदार नहीं है. औरत के साथ साथ पुरूष भी चरित्रहीन होते हैं. ऐसा भी कहना हमें शुरू करना पड़ेगा. एक महिला के अस्तित्व की, उसके  सम्मान की रक्षा तभी हम कर पाएंगे. एक स्त्री अर्थात मां, बहन, पत्नी, बेटी इनका सम्मान भी हम तभी कर पाएंगे.

This person earns Rs. 4 lakh in a month. : यह व्यक्ति गोबर से कमाता है एक महीने में चार लाख रूपये


यदि आदमी चाहे तो क्या नहीं कर सकता है. कबाड़ से जुगाड़ वाली कहावत तो आपने सुनी होगी. बहुत सारे लोग ऐसे प्रतिभावान होते हैं कि जिन्हें हम बेकार और सामान्य चीज समझते हैं, वे  लोग उन  बेकार और सामान्य चीजों का ऐसा उपयोग करते हैं, जिनसे  लाखों रुपए की हर महीने कमाई कर लेते हैं.
गोबर से मिले आइडिया से खड़ा किया बिजनेस, अब हर महीने 4 लाख हो रही कमाई
आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स से मिलवाते हैं, जो हर महीने गोबर से 400000 की कमाई करता है. इस व्यक्ति का नाम है गुरुशरण सिंह. गुरु शरण सिंह पंजाब के रहने वाले हैं. इन्होंने एग्रीकल्चर में मार्केटिंग मैनेजमेंट डिप्लोमा किया है. यह एक फर्म में नौकरी करते थे. वहां पर मालिक का व्यवहार इनके साथ ठीक नहीं रहता था.
इन्होंने सोचा  अपना बिजनेस शुरू करना चाहिए. लेकिन कोई नया आईडिया इनको नहीं आ रहा था. फिर ये  अपने गांव आ गए. उसी दौरान उन्होंने गाय और भैंस के गोबर को देखा. फिर उनको ख्याल आया की आजकल सरकार किसानों को वर्मी कम्पोस्ट  फ़र्टिलाइज़र यानि देशी खाद  का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए, उसका  उपयोग करने के लिए अधिक जोर दे रही है और जैविक खाद से निश्चित रूप से खेतों को बेहतर बनाया जा सकता है.
अनेक रोगों से भी फसल को बचाया जा सकता है. फसल की गुणवत्ता भी उस से बढ़ती है. ऐसी फसल का सेवन करने से किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है. इन्होंने गोबर से नाइट्रोजन बनाने की योजना बनाई और बस फिर इन्होंने अपना बिजनेस वहीं से शुरू कर दिया.
वर्मी कंपोस्ट की शुरुआत की. आज इनकी कंपनी का टर्नओवर एक साल में करीब 50 लाख के आप पास है. हालांकि शुरू में गुरु शरण सिंह ने अपनी कंपनी की शुरुआत करने के लिए कुछ लोन लिया. लेकिन  धीरे-धीरे वह लोन सब्सिडी के रूप में इन्होंने चुका दिया. आज एक बड़ी कंपनी के मालिक है और इनके यहां अनेक लोग काम करते हैं. यह स्वयं एक संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण भी देते हैं. कैसे वर्मी कंपोस्ट बनाई जाए और उसके लिए यूनिट लगाई जाए.

Saturday, September 1, 2018

Not only men but women are drinking too much alcohol : पुरुष ही नहीं महिलाएं भी पीने लगी है खूब शराब




शराब पीना निश्चित रूप से सेहत के लिए बुरी बात है. अनेक प्रकार की चेतावनी देने के बाद भी लोग शराब  नहीं छोड़ते हैं और विशेष रूप से महिलाओं पर शराब का बहुत  बुरा असर पड़ रहा है. आजकल पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी खूब शराब पी रही हैं.
अमेरिका सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2000 से 2015 के बीच में लग 45 से 64 वर्ष की आयु की महिलाओं सिरोसिस के करण मृत्यु के मामले में 57 प्रतिशत की मृत्यु दर बढ़ी है. सिरोसिस एक भयंकर बीमारी है जो अक्सर शराब पीने वाले लोगों को होती है.

वहीँ इस श्रेणी में पुरुषों में  सिरोसिस की बीमारी की मृत्यु के मामले 10% कमी हुई है.  और यह सब हुआ है शराब के कारण. सिरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो शराब के अधिक सेवन के कारण व्यक्ति में हो जाती है.
अब धीरे-धीरे महिलाओं में यह बीमारी बढती जा रही है. क्योंकि महिलाएं भी अब शराब का सेवन अधिक करने लगी हैं. अमेरिका की  एक रिसर्च के अनुसार वहां की महिलाएं शराब बहुत अधिक पीने लगी है और शराब का पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के शरीर पर अधिक बुरा प्रभाव पड़ता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक अल्कोहल में पाए जाने वाले एंजाइम की मात्रा का प्रभाव सीधा महिलाओं के यकृत पर पड़ता है.
एक तरह से शरीर को बहुत ही कमजोर बना देता है यह. हालांकि इस अल्कोहल का पुरुषों पर भी प्रभाव पड़ता है लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर इसका प्रभाव अधिक पड़ता है और लगभग 1990 से पूर्व इस बात की गंभीर जानकारी नहीं थी. कारण यह था की इस  तरह के अध्ययन केवल पुरुषों के ऊपर ही होते थे. क्योंकि यह माना जाता था की शराब का सेवन पुरुष ही अधिक करते हैं.
लेकिन 2000 के आसपास जब महिलाओं पर भी इस तरह के अध्ययन किए गए तो पता लगा की महिलाएं भी अल्कोहल की आदि  है अर्थात जो शराब का सेवन करते हैं उन पर इस तरह की बीमारी का असर अब धीरे-धीरे अधिक होने लगा है.

There is no smoking in this village. : इस गांव में नहीं करता है कोई भी स्मोकिंग इसके पीछे यह है खास बात



दोस्तों आज हम आपको एक ऐसे गांव की कहानी बता रहे हैं, जो  दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल साबित हो रहा है. इसके बारे में जानकर निश्चित रूप से आपको अच्छा लगेगा. आजकल सिगरेट, बीड़ी, पान, तंबाकू, गुटखा खाना पीना फैशन बन गया है.
शहर ही नहीं बल्कि छोटे-छोटे गांव की गलियों में छोटे-छोटे बच्चे भी इन चीजों का सेवन करते हुए मिल जाते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बता रहे हैं, जहाँ  पर इन सभी चीजों पर प्रतिबंध है. इस गांव में कोई भी व्यक्ति सिगरेट, तंबाकू, बीड़ी आदि का सेवन  नहीं करता है.

इस गांव का नाम है टीकला. जो कि हरियाणा राज्य के अंदर बसा हुआ है. राजस्थान की सीमा से सटा हुआ टीकला गाँव इसलिए प्रसिद्ध है कि यहां कोई भी व्यक्ति धूम्रपान का सेवन नहीं करता है. इस गांव की आबादी करीब 15 सौ से 2000 लोगों के मध्य की है लेकिन यहां पर धूम्रपान कोई नहीं करता है.
यहां तक कि काफी लंबे समय से यहां पर सिगरेट, तंबाकू, हुक्का, बीड़ी नहीं पी गई है. कोई व्यक्ति इस गांव में बाहर से आता है तो उससे पहले ही कह दिया जाता है कि आप सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू, पान मसाला आदि का सेवन न करें. इस गांव में एंट्री देने से पहले इस तरह की चेकिंग भी की जाती है और इस तरह का नियम है.

इस गांव में धूम्रपान न करने के पीछे जो वजह है उसका यह कारण है. इस गांव में एक मंदिर है. यह भगवान दास का मंदिर बताया जाता है और पास में ही उनकी समाधि है. भगवानदास शुरू से ही नशीली चीजों का बहिष्कार करते थे. भगवानदास कोई और नहीं बल्कि इसी गांव के एक महंत,  साधु संत थे. वे  गांव में रहते हुए नशीली चीजों का विरोध करते हुए मर गए. इस वजह से लोग आज तक उनकी बातों का पालन करते  हुए, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला इनका बहिष्कार करते हैं, भगवान दास के मंदिर की मान्यता के आधार पर यहां कोई भी स्मोकिंग नहीं करता है.

You will also be surprised by knowing the reason behind the ban on cat-feeding in this village : इस गांव में बिल्ली पालने पर लगा प्रतिबंध कारण जानकर आप भी अचंभित हो जाएंगे



आपने ऐसी खबर पहले नहीं पढ़ी  होगी कि किसी गांव में बिल्ली पालने पर प्रतिबंध लग जाए. आज हम आपको न्यूजीलैंड के ऐसे ही गांव के बारे में बता रहे हैं. जहां पर बिल्ली पालने पर बैन लगा दिया गया है.
इस गांव का नाम है ओमायु. न्यूजीलैंड का एक छोटा सा गांव है यह. यहां पर बिल्लियों को पालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. मतलब यहां पर कोई भी व्यक्ति बिल्ली का पालन नहीं कर सकता. गांव वालों ने मिलकर के यह तय किया है जिनके पास भी बिल्लियां है, वे उन्हें ने रख सकते हैं लेकिन उनके मरने के बाद कोई नई बिल्ली को नहीं पाल सकता.
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इस गांव में अब करीब 35 लोगों ने 7 से 8 बिल्लियां पाली हुई है लेकिन ये  बिल्लियां जब मर जाएंगे तो इसके बाद यहाँ  कोई भी बिल्ली नहीं पाल सकता. इस अजीबोगरीब फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह जो बताई जा रही है, वह यह है क्योंकि बिल्लियां दूसरे पक्षियों को खा जाती है. जिसके कारण  दूसरे पक्षी जो यहाँ  होते  हैं वे  धीरे-धीरे नष्ट होते जा रहे हैं.
बिल्लियां इन पक्षियों का  शिकार कर लेती है. प्राकृतिक रूप से पक्षियों की संख्या कम होने के डर की वजह से इस गांव वालों ने यह फैसला लिया है. क्योंकि इस गांव में अनेक ऐसे दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां हैं जो और कहीं नहीं सिर्फ यही पाई जाती हैं. ऐसे में बिल्लियों के द्वारा किए गए  शिकार की वजह से इन पक्षियों की तादाद कम होती जा रही है.
एक तरह से उन पक्षियों की  प्रजातियां विलुप्त होती जा रही है और न्यूजीलैंड में पक्षियों की ऐसी प्रजातियां हैं जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से लोग यहां पर आते हैं और बिल्लियां इन पक्षियों की दुश्मन है. अतः यही कारण है की अब  कोई भी बिल्ली जब मर जाएगी तो उसके बाद लोगों ने उस पर बिल्ली पलने से प्रतिबंध लगा दिया है.

These are the world's luxurious prison which is not less than any hotel : ये हैं दुनिया की आलीशान जेल जो किसी होटल से भी कम नहीं



दोस्तों कोई भी व्यक्ति यदि किसी प्रकार का अपराध करता है और कानून उसे सजा देता है तो वह व्यक्ति जेल में जाता है और आप जानते हो जेल में जाने का मतलब तमाम तरह की सुविधाओं से वंचित होना है. लेकिन आज हम आपको दुनिया की कुछ ऐसी जेलों के बारे में बता रहे हैं जिनमे  होटल जैसी सुविधाएं होती है.
ये कल  किसी होटल से कम नहीं लगती, बल्कि पहली बार में देखने पर तो ऐसा लगता है जैसे कि जेल नहीं किसी फाइव स्टार  होटल में ही आए हैं. आज हम आपको दिखाते हैं कुछ ऐसी ही दुनिया की आलीशान जेलों की तस्वीरें और बताते हैं उनके बारे में कुछ बातें.
बैस्टोय जेल, नॉर्वे
बोस्टाय द्वीप पर स्थित इस जेल में लगभग 100 से ज्यादा कैदी रहते हैं. इस जेल की विशेषता यह है कि इसके अंदर टेनिस, हॉर्स राइडिंग,  फिशिंग, सन बाथिंग कॉन्प्लेक्स जैसी सुविधाएं मौजूद हैं जो हर कैदी के लिए है. इस तरह की जेल में रहने के बाद कैदी भूल ही जाता है की उसे  किसी सजा के कारण यहां पर रहना पड़ रहा है या फिर अपने आनंद और ऐश के लिए रह रहा है.

एचएमपी एटिवेल, स्कॉटलैंड
स्कॉटलैंड में स्थिति यह जेल बहुत ही खूबसूरत और भव्य है. यहां पर लगभग 700 कैदी के आसपास रहते हैं. इस जेल में भी अनेक तरह की सुविधाएं कैदियों को दी गई है. यहां तक कि कैदियों के लिए TV की व्यवस्था है. बहुत खूबसूरत बिस्तर दिए गए हैं.
ओटैगो करेक्शन्स फैसिलिटी, न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड की इस जेल में अनेक सुविधाएं हैं. जैसे फार्मिंग, कुकिंग, लाइट इंजीनियरिंग जैसे काम के लिए अलग से क्लास भी चलाई जाती है. इस जेल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं लेकिन कैदियों की  सुख सुविधाओं का भी  बहुत ध्यान रखा जाता है.
अरेंजुएज प्रिजन, स्पेन
स्पेन में मौजूद इस जेल में कोई भी कैदी अपने बच्चों को भी साथ रख सकता है. उसके लिए बेहतरीन रूम एवं अनेक सुविधाएं भी सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं.
जेवीए फुइसबटेल प्रिजन, जर्मनी-
जर्मनी के हैंबर्ग में स्थित इस जेल में कैदियों को अनेक सुविधाएं मिलती है. प्राइवेट शावर, टॉयलेट आदि आधुनिक सुविधाएं कैदियों को यहां पर मिलती है. यहां तक कि कैदियों को कांफ्रेंस रूम भी अलग से दिए जाते हैं. लॉन्ड्री की मशीन भी उपलब्ध कराई जाती है.
इन आलीशान जेलों में इस तरह की सुविधाएं देने के पीछे सरकार की मानसिकता यह है कि एक कैदी को सामान्य जन जीवन जीने के लिए, अच्छा इंसान, व्यक्ति बनाने के लिए यह सब कोशिश की जाती है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति अपराधी पैदा नहीं होता है. परिस्थितियां उसे अपराधी बना देती हैं. उसे भी सही माहोल देकर बदल सकते हैं.

This Raja was killed in an hour, killing of eighteen thousand people : इस राजा ने एक घंटे में कराई थी अठारह लाख लोगों की हत्याएं



मंगोल साम्राज्य का शासक चंगेज खान एक क्रूर शासक के रूप में ही बल्कि हत्यारे के साथ-साथ एक  बहुत बड़े  बलात्कारी के रूप में भी जाना जाता है. चंगेज खान ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी मंगोल साम्राज्य को  विस्तार करने में. सम्राज्य को बढ़ाने के लिए अनेक तरह के जुर्म जनता के ऊपर किए थे चंगेज खान ने.Image result for changez khan
चंगेज खान  द्वारा किए जाने वाले फैसले हैरतअंगेज होते थे. आज भी जब इस तरह की बातों को इतिहास के अंदर पढ़ते हैं तो निश्चित रुप से सनसनी सी  होती है. चंगेज खान ने अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए हर तरह का डर आम जन में कायम कर दिया था. यहां तक कि अपने पारिवारिक एवं अनेक निजी रिश्ते पर भी उन्होंने जुर्म किए थे.
चंगेज खान ने मात्र 13 साल के अपने भाई की हत्या कर दी थी. इसी तरह से वह अपने राज्य का विस्तार करने के लिए  राजाओं की हत्या करते हुए चले गए.  चंगेज खान जिस भी राज्य पर हमला करते थे, उस  राज्य को लूटते थे. उस राज्य का खजाना लूटते थे. वहां  की जनता पर अपना शासन करते थे. साथ ही साथ वहां की महिलाओं के साथ हैवानियत करते थे.
चंगेज खान जब भी युद्ध नहीं कर रहा होता था.तो किसी  महिला के साथ अनैतिक कार्य करता था. चंगेज खान ने एक बार एक युद्ध में लगभग 1 घंटे में 18 लाख लोगो को मौत के घाट उतार दिया. ऐसा नरसंहार कर  कोहराम मचा दिया था. लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि चंगेज खां शाकाहारी था. अपने पूरे जीवन में उसने कभी भी किसी जानवर की हत्या नहीं की.

 
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